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Neha Ko Saree me Dekhna Tha:

  Neha Ko Saree me Dekhna Tha: देश में कोरोना वायरस (Corona Virus) का प्रकोप हल्का ज़रूर हुआ है, लेकिन ख़त्म नहीं हुआ है. CBSE Board के 12वीं के एग्जाम रद्द (CBSE Class 12th Board Exam Cancelled) किए जाने की मांग हो रही थी और ऐसा हुआ भी. केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया और पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इस सम्बन्ध में एक बैठक के बाद परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान कर दिया. कोरोना वायरस को देखते हुए परीक्षाओं का रद्द किया जाना न सिर्फ छात्रों बल्कि अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की बात थी. अब इस बात पर मंथन चल रहा है कि छात्रों को प्रमोट किस आधार पर किया जाये. इस बीच पीएम मोदी के परीक्षाओं को रद्द किये जाने के ट्वीट पर एक ऐसा जवाब और अनुरोध आया, जो ज़बरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है. कुकी अग्रवाल नाम का ट्विटर हैंडल चलाने वाले एक युवक ने पीएम मोदी के ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा कि 'सर फेयरवेल तो करा दो, वो 12th B वाली नेहा को साड़ी में देखना था.' (Sir farewell to kraa do....wo 12th B wali neha ko साड़ी me dekhna tha . युवक कहना चाहता था कि एग्जाम रद्द हो गए हैं, ऐसे में फेयरवेल (व...

अंग्रेजों के जमाने से लोगों के दिल में बसता है Parle-G, जानिए कैसा रहा इसका अब तक सफर

 भारत का शायद ही ऐसा कोई घर हो जहां पर पारले जी (Parle-G) नहीं आता होगा. आज भी ऐसे कई लोग है जिनकी चाय की शुरुआत पारले जी के साथ ही होती है. आइए जानते हैं इसका इतिहास: नई दिल्ली. सुबह की चाय की चुस्कियों के साथ अगर बिस्किट मिल जाए तो उसका मजा दोगुना हो जाता है. बिस्किट एक ऐसी चीज है जो बच्चे, बड़े, बुजुर्ग सभी को बेहद पसंद होते हैं. अगर बिस्किट की बात की जाए तो सभी की जुबा पर पहला नाम पारले-जी (Parle-G) का आता है. देश ही नहीं बल्कि पुरी दुनिया में ये बिस्किट बेहद लोकप्रिय है. वहीं पारले-जी भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला बिस्किट भी है. भारत का शायद ही ऐसा कोई घर हो जहां पर पारले जी नहीं आता होगा. आज भी ऐसे कई लोग है जिनकी चाय की शुरुआत पारले जी के साथ ही होती है. सभी ने कभी ना कभी इस बिस्किट का स्वाद लिया होगा. ये बिस्किट बेहद ही सस्ता है उतना ही स्वादिष्ट है. आइए जानते हैं इसका इतिहास: पारले जी का इतिहास 82 साल पुराना है. इसकी शुरुआत मुंबई के विले पारले इलाके में एक बंद पड़ी पुरानी फैक्ट्री से हुई. साल 1929 की बात है जब एक व्यापारी मोहनलाल दयाल ने इस फैक्टरी को खरीदा. जहां ...