उन्नाव पुलिस के सिपाही और होमगार्ड पर हत्या का केस दर्ज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 14 जगह मिले चोट के निशान |
परिजनों का आरोप- पीटते हुए थाने ले गई पुलिस
मामला उन्नाव के मोहल्ला भटपुरी का है। यहां 17 साल का फैसल घर के बाहर सब्जी बेच रहा था। आरोप है कि दोपहर में नगर पुलिस चौकी का एक सिपाही और होमगार्ड उसके पास पहुंचा और कोरोना कर्फ्यू के नियमों का उल्लंघन करने की बात कहते हुए फैजल की पिटाई शुरू कर दी। परिजनों का कहना है कि सिपाही और होमगार्ड फैसल को लाठी-डंडों से पीटते हुए चौराहे तक ले गए, फिर जीप में डालकर उसे कोतवाली ले गए। जीप में भी लगातार उसे पीटने का आरोप है। ज्यादा चोट लगने से फैसल की हालत बिगड़ गई। पुलिस उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी। गुरुवार को पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों में डॉ अरविंद कुमार आनंद व डॉ कौशलेंद्र शामिल थे। मृतक फैसल का पोस्टमार्टम में सिर पर चोट लगने से मौत होने की पुष्टि हुई है, लगभग शरीर में 14 छोटे अन्य चोट के निशान मिले हैं। हॉस्पिटल पहुंच गई सैकड़ों की भीड़
जानकारी के अनुसार फैसल की मौत की खबर मिलते ही सैकड़ों लोगों की भीड़ सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पहुंच गई। पुलिस ने समझाकर हॉस्पिटल से हटाया तो आक्रोशित लोग नागरिक तिकोनिया पार्क के सामने जुट गए और लखनऊ हाईवे को जाम कर दिया था। पांच घंटे तक जाम लगा रहा।
50 लाख रुपए मुआवजे की मांग पर अड़े
फैसल के परिजनों को सरकार और पुलिस से 50 लाख रुपए की मुआवजे दिए जाने का आश्वासन दिया गया है। परिजनों ने घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की है।
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